हर 5वें बच्चे का ऑनलाइन यौन शोषण !!

हर 5वें बच्चे का ऑनलाइन यौन शोषण !!

यूनिसेफ की रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा: हर 5वें बच्चे का ऑनलाइन यौन शोषण, 57% मामलों में परिचित ही आरोपी; सिर्फ 1% केस रिपोर्ट

इंटरनेट और सोशल मीडिया का बढ़ता इस्तेमाल बच्चों के लिए गंभीर खतरा बनता जा रहा है। यूनिसेफ (UNICEF) द्वारा 21 देशों में किए गए सर्वे के अनुसार, 12 से 17 साल का हर पांचवां बच्चा टेक्नोलॉजी के जरिए ऑनलाइन यौन शोषण या उत्पीड़न का शिकार हुआ है। एक साल में करीब 2 करोड़ बच्चे इसका शिकार बने, जिनमें 57% घटनाओं में शोषण करने वाला कोई परिचित ही निकला, जबकि सिर्फ 16% मामलों में आरोपी अनजान था।

चिंताजनक बात यह है कि कुल मामलों में से 1% से भी कम केस रिपोर्ट हो पाते हैं। ऑनलाइन शोषण के 59% मामले सोशल मीडिया पर हुए, जिनमें फेसबुक (50%), वॉट्सऐप (29%) और इंस्टाग्राम (24%) प्रमुख माध्यम रहे। सालभर में 1.49 करोड़ बच्चों को अनचाही यौन सामग्री भेजी गई और 89 लाख बच्चों पर निजी तस्वीरें भेजने का दबाव डाला गया। 27% घटनाओं में आरोपी खुद 18 वर्ष से कम उम्र का किशोर था।

AI और डीपफेक ने बढ़ाई चुनौती: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) ने इस संकट को और गंभीर कर दिया है। 11 लाख बच्चों ने बताया कि उनकी नकली तस्वीरें या डीपफेक कंटेंट AI के जरिए तैयार किए गए। इस प्रताड़ना के चलते पीड़ित बच्चों में आत्महत्या के विचार करीब 3.8 गुना और खुद को नुकसान पहुंचाने की प्रवृत्ति 4.13 गुना तक बढ़ जाती है।